भोपाल। साहित्यिक गतिविधियों से सजे भोपाल साहित्य महोत्सव में अपने प्रदेश की विरासत जानने के इच्छुक लोगों की जिज्ञासा भी शांत हो रही हैं। पुरातत्व संपदा से जुड़े विभिन्न प्रकाशनों एवं प्रतिकृतियों को इस महोत्सव में प्रदर्शित किया गया है। विक्रय के लिए उपलब्ध पुरातत्व संचालनालय के प्रकाशनों एवं प्रतिकृतियों को लेकर आगंतुक अच्छा रिस्पॉन्स दिखा रहे हैं।

राजधानी भोपाल में भारत भवन में जारी साहित्य महोत्सव में संचालनालय पुरातत्व ने भी अपना स्टॉल लगाया है। इस आकर्षक स्टॉल की विशेषता यहां मौजूद पुरातात्विक धरोहरों में स्थान रखने वाली प्रमुख प्रतिमाओं की प्रतिकृतियाँ शामिल हैं। पुरातत्व विभाग ने अपने इस स्टॉल पर पुरातात्विक सर्वेक्षण पर आधारित प्रकाशनों को भी सजाया है। विभाग की मंशा है कि आमजन तक पुरातात्विक संस्कृति को पहुंचाया जा सके।
बहुत कुछ है इस स्टॉल पर
पुरातत्व विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में शालभंजिका, नृत्य गणेश, रवानानुग्रह आदि की प्रतिकृतियां शामिल हैं। यहां पुरातन, उज्जैनी, राज्य संग्रहालय भोपाल की पाषाण प्रतिमाएं, मोनुमेंट ओरछा, सागर जिले की सांस्कृतिक विरासत एवं अन्य विभागीय प्रकाशन विक्रय के लिए उपलब्ध हैं। गौरतलब है कि महोत्सव में आने वाले आगंतुकों के लिए यह स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।