भोपाल /इंदौर /– माइक्रो बीट सिस्टम को ठीक तरह से लागू नहीं करने और लापरवाही बरतने पर पुलिस कमिश्नर ने पंढरीनाथ थाने के टीआई सहित 15 पुलिसकर्मियों को सजा के तौर पर तीन दिन तक डीसीपी ऑफिस में अटैच कर दिया है। अब ये सभी सुबह 11 से शाम 5 तक ट्रेनिंग लेंगे और शाम को थाना भी संभालेंगे। आखिरी दिन टेस्ट में 50 प्रतिशत अंक नहीं लाए तो इन्हें थाने नहीं भेजेंगे। अटैच करने के पीछे कुछ कारण सामने आए हैं, जिनको लेकर अफसर खासे नाराज हुए।
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के अनुसार सोमवार रात को औचक निरीक्षण के बाद पंढरीनाथ थाने के टीआई कपिल शर्मा सहित 15 पुलिसकर्मियों को डीसीपी जोन-4 कार्यालय में विशेष ट्रेनिंग के लिए अटैच किया है। निरीक्षण में पाया गया कि इनमें ब्रिजिंग गैप (संवाद और कार्यशैली की कमी) है। जब थाने के स्टाफ को बुलाकर माइक्रो बीट सिस्टम के बारे में पूछा तो एक एएसआई यह नहीं बता पाए कि उनकी बीट में कौन-कौन सिपाही है।
यानी इन्हें अपने साथियों के बारे में ही जानकारी नहीं है। थाने पर आने वाली शिकायतों के निराकरण का तरीका भी ठीक नहीं था। लोगों से बातें करना और उनका निराकरण किस तरह किया जाना चाहिए। ऐसे सभी कारणों को ध्यान में रखते हुए इन्हें विशेष स्तर की ट्रेनिंग दी जा रही है। ये तीन दिन तक ट्रेनिंग लेंगे और शाम को थाना भी संभालेंगे। आखिरी दिन इनका टेस्ट होगा।
एफआईआर से लेकर चालान तक सिखाएंगे
डीसीपी जोन-4 ऋषिकेश मीना के अनुसार प्रदेशभर में हाल ही में लागू हुए माइक्रो बीट सिस्टम को हम 2 महीने पहले से चला रहे हैं। ये ऐसा सिस्टम है, जिसमें हर मोहल्ले का इंचार्ज एक सिपाही को बनाया जाता है। टीआई कपिल शर्मा को कई बार यह सिस्टम समझाया, ताकि वे निचले स्तर पर इसे लागू करवा सकें, लेकिन कहीं न कहीं उनके कम्युनिकेशन में गैप दिखा। यहां जवानों को बीएनएस की धाराओं का भी ज्ञान नहीं था। इसलिए हमने उनकी टीम के लिए स्पेशल ट्रेनिंग सेशन बनाया है।
ट्रेनिंग के दौरान कौन से अफसर क्या सिखाएंगे थाने के स्टाफ को
डीसीपी जोन-4 ऋषिकेश मीना : थाना मैनेजमेंट और माइक्रो बीट सिस्टम पर काम करना।
एडिशनल डीसीपी आनंद यादव : रिपोर्ट लिखना, उनमें सावधानियां बरतना, जांच और चालान डायरी लिखना।
एसीपी हेमंत चौहान : पुलिस रेग्युलेशन का पार्ट और थाने की दैनिक कार्रवाई और उसका उपयोग।
एसीपी प्रियंका डुडवे और सोनू डाबर: महिला संबंधी अपराध की विवेचना। चालान पेश करना।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह : थाना मैनेजमेंट।
परीक्षा : गुरुवार दोपहर 2.30 से 4 तक।
पासिंग मार्क्स : 50 फीसदी अंक जरूरी।
दिन में थाने का प्रभार SI को
डीसीपी के अनुसार तीन दिन तक जब पूरी टीम ट्रेनिंग में रहेगी तो दूसरी टीम थाना संभालेगी। तब तक एसएसआई को टीआई का प्रभार दिया है। ट्रेनिंग करने वाला पूरा स्टाफ शाम को फिर से थाने पर ड्यूटी देगा।
कम अपराध के बाद भी लोगों की सुनवाई न होने के आरोप
बताया जा रहा है अफसर इसलिए भी नाराज हैं, क्योंकि पंढरीनाथ थाने पर अपराध का लोड कम है। यहां ज्यादातर लॉ एंड ऑर्डर के मामले आते हैं। इसके बाद भी यहां थाने पर आम लोगों की सुनवाई ठीक ढंग से नहीं करने के आरोप लगते रहते हैं। छोटे-छोटे मामले में लोग शिकायत लेकर अफसरों तक जाते हैं।