नाथ के पीछे-पीछे कांग्रेसी कुनबे के भाजपा में जाने की अटकलें।
अमित सेन
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इंदौर। इंदौर और मालवा-निमाड़ के कांग्रेस के बड़े नाम भाजपा का दामन थाम सकते हैं। शनिवार को पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने अपनी इंटरनेट मीडिया की प्रोफाइल से पंजा का निशान हटा दिया तो अटकलों को बल मिल गया। शाम को खबर आई की कमल नाथ के पीछे-पीछे इंदौर के कई कांग्रेसी दिल्ली भी पहुंच गए हैं। हालांकि रात तक न तो नाथ के भाजपा के साथ जाने की खबर आई ना ही इंदौर के कांग्रेस नेताओं ने अपनी पार्टी को अलविदा कहा।
पूर्व मंत्री व सांसद रहे सज्जनसिंह वर्मा के साथ दो पूर्व विधायकों संजय शुक्ला और विशाल पटेल के कांग्रेस को अलविदा कहने की आशंका कांग्रेसी ही जता रहे हैं। हालांकि दोनों पूर्व विधायकों ने न तो इसकी पुष्टि की, न खंडन किया। बस इतनाभर कह दिया कि वे अभी वैवाहिक समारोह में उदयपुर में हैं।
साहब ही नहीं रहेंगे तो हम क्या करेंगे…
कांग्रेस के गलियारों से खबर आई कि पूर्व शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल भी दिल्ली पहुंच रहे हैं। उन्होंने एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता को फोन पर यह कहकर दिल्ली पहुंचने का संदेश दिया कि साहब ही नहीं रहेंगे तो हम क्या करेंगे। इस बीच विधानसभा में टिकट के दावेदार रहे स्वप्निल कोठारी, पूर्व पार्षद केके यादव के नाम भी कांग्रेस छोड़ने वालों की चर्चा में आ गए। हालांकि देर रात तक इनमें से किसी ने भी पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया था।
कमल नाथ ने प्रोफाइल से पंजा हटाया तो मैंने भी हटा दिया – सज्जन वर्मा
इस बीच पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा का बयान आया कि उन्होंने अपनी प्रोफाइल से पंजा हटा लिया क्योंकि नाथ ने हटाया था। उन्होंने यह भी कह दिया कि भाजपा की ओर से कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को हतोत्साहित करने के लिए ऐसी खबरें उड़ाई जाती हैं। अभी तो सब काल्पनिक प्रश्न है। वे परिपक्व नेता हैं जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेते। वे 40 साल से मेरे नेता हैं उन्होंने चिन्ह हटाया तो मैंने भी हटा दिया। वर्मा के कांग्रेस के साथ रहने के बयान से उलट उनके समर्थकों ने दावा कर दिया कि कमल नाथ ने सज्जन वर्मा के लिए भाजपा में लोकसभा टिकट की बात भी कर ली है।
इनकी भी भाजपा में जाने की चर्चा तेज…
पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा के साथ पूर्व विधायक संजय शुक्ला व विशाल पटेल के कांग्रेस को अलविदा कहने की आशंका।
पूर्व शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल भी दिल्ली पहुंच रहे हैं। उन्होंने एक साथी से कहा, साहब ही नहीं रहेंगे तो हम क्या करेंगे।
विधानसभा में टिकट के दावेदार रहे स्वप्निल कोठारी, पूर्व पार्षद केके यादव के नाम भी कांग्रेस छोड़ने वालों की चर्चा में।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कमलनाथ के करीबी सज्जन वर्मा ने आज सुबह की नई पोस्ट।


