जीतेन्द्र सेन
बैरसिया: लोगों को रोजगार देने की गारंटी देने वाला मनरेगा घोटालेबाजों के लिए चरागाह बन गया है आए दिन एक न एक गड़बड़ी सामने आती रहती है कभी मेटेरियल का अधिक भुगतान कर दिया जाता है तो कभी मुर्दो के नाम पर मजदूरी का भुगतान हो जाता है हैरत करने वाली बात यह है मरा हुआ एक मजदूर नही छे मजदूर मरने के बाद भी ग्राम पंचायत अर्रावती में सुदूर सड़क निर्माण करने पहुंचे गये यह मामला कुछ अलग ही चंद्रशेखर,गजराजसिंह,हीरा लाल ने शैतानसिंह, दुर्गा प्रसाद, सोमतसिंह, ने भी मजदूरी की है मजदूरों की मौत हो चुकी है लेकिन आज भी वह मनरेगा मे मजदूरी कर रहे थे राजधानी भोपाल की जनपद पंचायत बैरसिया की ग्राम पंचायत अर्रावती से जुड़ा है मजदूरों ने सुदूर सड़क में काम किया है मरे हुए मजदूर शैतान सिंह ने 70 दिनों तक किया

मरे हुए चन्द्र शेखर पचौरी ने 26 दिन काम किया मरे हुए गजराजसिंह ने 7 दिन काम किया मरे हुए सोमतसिंह ने 19 दिन काम किया है मरे हुए दुर्गा प्रशाद ने 7 दिन काम किया हिरा लाल ने 7 दिन काम किया है इस मामले की शिकायत गिरबरसिंह राजपूत ने की थी जिसमे गिरवरसिंह का आरोप था सरपंच सचिव और रोजगार सहायक पर वरिष्ठ अधिकारी मेहरबान है जांच नही हुई बही सीओ दिलीप कुमार जैन ने बताया
इनका कहना है
कार्यालय कलेक्टर भोपाल को शिकायत हुई कलेक्टर ने टी एल में शिकायत मिली जिला पंचायत से तीन सदस्यों की जांच समिति बनाई थी जांच हुई भी है 14 लाख 47 हजार की बसूली ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच राजू सोनी और बर्तमान सरपंच पर बसूली निकली है! मृत मजदूरों से मजदूरी कराने के मामले में सरपंच से मनरेगा राशि जमा कराई गई है रोजगार साहयक की सुनवाई जिला जिला पंचायत भोपाल में है जांच प्रतिवेदन के आधार पर रोजगार साहा यक पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी?
सीओ जनपद पंचायत बैरसिया