शिशु रोग विशेषज्ञ, नर्सिंग अधिकारी और पोषण प्रशिक्षक रहे शामिल
भोपाल। मुस्कान कार्यक्रम के तहत उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण का आयोजन 14 फरवरी को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल में किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिशु स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता को और बेहतर करना है। प्रशिक्षण में जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित शिशु रोग इकाईयों के शिशु रोग विशेषज्ञ, नर्सिंग ऑफिसर और फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर सम्मिलित हुए । प्रशिक्षण के दूसरे चरण में आज 15 फरवरी को डॉ कैलाशनाथ काटजू अस्पताल में हैंड्सऑन ट्रेनिंग दी जाएगी।

प्रशिक्षण वरिष्ठ शिशु रोग डॉ स्मिता सक्सेना, डॉ जय परमार, डॉ आलिया, डॉ शालिनी आरक द्वारा दिया गया। जिसमें साक्ष्य आधारित चिकित्सा, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकोल के पालन, शिशु मैत्रीपूर्ण वातावरण का निर्माण , फैमिली पार्टिसिपेट्री केयर, कंगारू मदर केयर रेफरल एवं फॉलोअप सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की जानकारी दी गई।प्रशिक्षण में मुस्कान मूल्यांकन के प्रोटोकॉल , क्वालिटी टूल्स एंड प्रोसेस मेपिंग, इंप्रूवमेंट साइकिल एनालिसिस, फैमिली पार्टिसिपेट्री केयर, कंगारू मदर केयर , पीडियाट्रिक वार्ड एवं ओपीडी चेकलिस्ट, एनआरसी चेकलिस्ट, एनबीएसयू, एनआरसी के मूल्यांकन की चेकलिस्ट, परफॉर्मेंस इंडिकेटर, रिकॉर्ड कीपिंग, मुस्कान आउटकम इंडिकेटर के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया।
प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के कार्यपालक निदेशक प्रो. डॉ अजय सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं में शिशु स्वास्थ्य की सेवाएं सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं । शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार दिया जाना जरूरी है । स्वास्थ्य सेवा प्रदाता उपचार के दौरान चेकलिस्ट को अनिवार्य रूप से फॉलो करें।

प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने कहा कि शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के मूल्यांकन और सुधार के लिए मुस्कान कार्यक्रम की भूमिका महत्वपूर्ण है। बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए संस्थागत एवं सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न इकाईयां एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं । जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम ,नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई , पोषण पुनर्वास केंद्र , आईवायसीएफ, मां कार्यक्रम, एनीमिया मुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, सांस अभियान, गृह आधारित शिशु देखभाल, दस्तक अभियान, दस्त नियंत्रण पखवाड़ा, कृमि मुक्ति , टीकाकरण जैसे कार्यक्रमों से शिशु स्वास्थ्य की गुणवत्तापूर्ण सेवाएं दी जा रही है।
मुस्कान कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य संस्थाओं की शिशु रोग इकाइयों में उपचार एवं देखभाल की गुणवत्ता का मूल्यांकन नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड के अनुरूप किया जाना है। मुस्कान कार्यक्रम में मुख्य रूप से सर्विस प्रोविजन, मरीज के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विस, क्लीनिकल केयर, इनफेक्शन कंट्रोल, क्वालिटी इंप्रूवमेंट एवं आउटकम जैसे आठ इंडिकेटर को शामिल किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि मुस्कान कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 12 साल से कम उम्र के बच्चों में बीमारियों और मृत्यु को कम करना है। मुस्कान के नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड एंड एसेसमेंट टूल में जिला चिकित्सालय के शिशु रोग विभाग, शिशु रोग वार्ड, नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई एवं पोषण पुनर्वास केंद्रों को शामिल किया गया है। सिविल अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में शिशु रोग ओपीडी एवं न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट को सम्मिलित किया गया है ।