इंदौर पुलिस की हिदायत रात साढ़े 11 बजे सर्विस बंद कर 12 बजे पब-बार बंद करें.
इंदौर – पुलिस अधिकारियों ने होटल, पब-बार के मैनेजर और संचालकों की बैठक लेकर नियम समझाएं।
थर्टी फर्स्ट पर रातभर जश्न मनाना महंगा पड़ सकता है। पुलिस ने होटल-पब और बार संचालकों को 12 बजे बंद करने की हिदायत दी है। नशे में कार-बाइक चलाने वालों के लिए भी टीमें बना दी गई हैं। जगह-जगह चेकिंग से गुजरना होगा। नशे में वाहन चलाते मिले तो न सिर्फ गाड़ी जब्त होगी, बल्कि कोर्ट के चक्कर भी लगाने होंगे।
जोन-2 के डीसीपी अभिषेक आनंद ने मंगलवार को क्षेत्र के सभी पब-बार और होटल संचालक, मैनेजर व जिम्मेदार अधिकारियों की बैठक ली। डीसीपी ने कहा कि थर्टी फर्स्ट पर पार्टी के नाम पर होने वाली अराजकता कतई बर्दाश्त नहीं होगी। शासन के नियमों का पालन करना होगा। रात 12 बजे पार्टी बंद करना पड़ेगी। 12:15 बजे तक पार्किंग खाली मिलना चाहिए। तेज आवाज में डीजे और साउंड सिस्टम न चलाने की हिदायत भी दी है। बैठक में एडिशनल डीसीपी ज़ोन-2 अमरेंद्र सिंह, एसीपी विजय नगर शिवपाल सिंह कुशवाह, एसीपी परदेशीपुरा भूपेंद्र सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त (कंट्रोल रूम) सुभाष सिंह उपस्थित थे।
पब-बार, होटल संचालकों को हिदायत
पब/बार को निर्धारित समय पर 12 बजे पूरी तरह बंद कर, 12.15 बजे तक पार्किंग भी पूरी खाली करवा दें।
रात 11:30 बजे के बाद किसी भी नए ग्राहक को सर्विस प्रदाय न की जाए।
ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के अंतर्गत नियमों का भी सख्ती से पालन करें। निर्धारित क्षमता से अधिक आवाज में डीजे साउंड सिस्टम न बजाएं। रात 10 से सुबह 6 तक कोई ध्वनि विस्तारक केंद्र का उपयोग नहीं करें।
नववर्ष व थर्टी फर्स्ट की पार्टी के लिए जो भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएं उनकी विधिवत अनुमति लें। विवादित कार्यक्रमों का आयोजन न करें।
पब एंड बार में तथा उसके बाहर पर्याप्त मात्रा में सीसीटीवी कैमरे भी लगाएं और उनका एक्सेस भी रखें।
नशा कर विवाद झगड़ा ना हो, इसका भी ध्यान रखें। यदि इस प्रकार की कोई स्थिति निर्मित हो तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
पब व बार में एंट्री पर चेकिंग हो और कोई भी अस्त्र/शस्त्र आदि के साथ किसी को प्रवेश ना दें।
किसी भी नाबालिग को एंट्री ना दें, इसका विशेष ध्यान रखें अन्यथा कार्यवाही की जाएगी।
पार्किंग की भी पर्याप्त व्यवस्था हो और उसमें लाइट हो, साथ ही वहां सीसीटीवी कैमरे भी लगे हों।
पब व बार में किसी भी प्रकार की ड्रग्स की कोई एंट्री ना हो, इसका भी विशेष ध्यान रखें।
पुलिस के नंबरों का भी डिस्प्ले बोर्ड लगाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग तत्काल पुलिस से संपर्क कर सकें।
पब में नशा कर झगड़ना, पार्किंग में विवाद, कमेंट्स, छेड़खानी या अन्य तरह के विवादों पर क्या करें, उन्हें कैसे हैंडल करें और पुलिस की मदद किस प्रकार ले, इसके लिए पब संचालक अपने बाउंसरों को भी ट्रेनिंग दें।
वहां पर आने वाले कस्टमर को यह भी बोला जाए कि वह नशा करके वाहन ना चलाएं, अन्यथा पुलिस उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करेगी।
बैटआइ ड्राइव से भी निगरानी
पुलिस ने बैटआइ ड्राइव से भी 100 से ज्यादा पब और बार को जोड़ा है। पुलिस कंट्रोल रूम की टीम सतत नजर रखेगी।
नाइट कल्चर में खुली दुकान, होटलों के लिए टीमें बनाई गई हैं।
बीआरटीएस पर जगह-जगह टीमें लगाई जाएंगी।
ट्रैफिक पुलिस की सहायता से ब्रिथ एनालाइजर, स्पीड गवर्नर से जांच होगी।
डेसिबल मीटर, राजगगन का भी उपयोग होगा।