भोपाल। मध्यप्रदेश में पत्रकारिता करना अब बड़े जोखिम का काम हो गया है, क्षेत्रीय मुद्दों पर काम करने वाले पत्रकारों को भ्रष्ट अधिकारियों और उनके संरक्षण में पलने वाले माफ़िया कब कहाँ निपटा दें कुछ कहा नहीं जा सकता। वैसे तो जनहित से जुड़े मुद्दे उठाने वाले पत्रकार हमेशा से भ्रष्टाचारियों के निशाने पर रहे हैं, लेकिन अब पत्रकारों को धमकाना चमकाना हलवा निगलने जितना आसान हो चला है। ताजा मामला सीहोर जिले का का है जहां पत्रकार देवेश मिश्रा को तीन अलग-अलग नंबरों से फोन कर हाथ पैर तोड़ देने और जान से खत्म कर देने की धमकी दी गयी है। देवेश मिश्रा द्वारा कलेक्टर को दिए गए शिकायती आवेदन के अनुसार उन्होंने “उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण” में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी। पीड़ित पत्रकार के अनुसार इस जानकारी से विभाग का बड़ा भ्रष्टाचार सामने आ सकता है, लेकिन आर टी आई के जवाब में उन्हें धमकियां मिल रही है। पत्रकार देवेश मिश्रा ने सीहोर कलेक्टर से जान-माल की सुरक्षा के साथ ही आरोपियों पर विधि सम्मत कार्यवाही की गुहार लगायी है, देवेश का कहना है कि धमकियां मिलने से उनका परिवार भयभीत है।

