कई जगह पानी की टंकियां सो फीस बनकर खड़ी तो कहीं पानी सप्लाई सुचारू रूप से चालू नहीं।
नजीराबाद भोपाल जिले की ग्रामीण बैरसिया तहसील क्षेत्र मे मुख्यमंत्री नल जल योजना मे जयश्री हरी करण ने भाजपा पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप नल जल योजना में महा भ्रष्टाचार कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता जयश्री हरिकरण ने बुधवार को एक प्रेस नोट जारी कर बताया की अभी हाल ही मे संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद से ही भाजपा की जो ईवीएम मे फेर बदल कर सरकार बनी है उससे जनता संतुष्ट नहीं है और ना ही भाजपा वालों को ये बात दिमाग मे बैठ रही है की हम जीत केसे गए और इसी कारण से जनहित के कार्यों मे बैरसिया क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी जयश्री हरिकरण के पास शिकायते पहुँच रही है आम ग्रामीण जनो और किसानो का कहना है कि बैरसिया क्षेत्र मे अभी से ही जल संकट गहराने लगा है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज बैरसिया विधानसभा के लगभग 70% ग्रामों मे मुख्यमंत्री नल जल योजना धरी की धरी रह गयी हैं वही दूसरी तरफ सिंचाई के लिए कम वर्षा होने के कारण आज नदी तालाब और कुंये सब जनवरी माह मे ही सूखने लगे है ऐसे मे आने वाले समय और आगामी गर्मी के मौसम मे ग्रामीण जन पीने के पानी की समस्या से जूझने लगे है हैंडपंपो मे भी पानी कम आने लगा है मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई नलजल योजना जो की नर्मदा की पाइप लाइन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र मे पहुँचाई जानी थी वो भी कही से कहीं तक धरातल पर नही पहुंची और जहाँ तक नल जल योजना का सवाल है तो विधानसभा चुनाव के पहले आनन फानन मे कोरी घोषणा कर कई गाँवों मे नल जल योजना के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किया गया है यह कार्य पंचायतों के माध्यम से किया जाता है अगर सरपंचों को 35-40% कमीशन लेकर काम दिया जाता है तो वह विकास कार्यों मे कहा से पैसा लगाएंगे इस कमीशनखोरी के चलते आज बैरसिया क्षेत्र के बहुत से ग्रामों मे नल जल योजना बंद पड़ी हुई है कहीं पर सिर्फ दिखाने के लिए पानी की टंकी बना दी गई है, कहीं पर गांव के बीच मे पाइप लाइन डालने के नाम पर नाली खोदकर छोड़ दी गई है, जिससे ग्रामीण जनो को आने जाने मे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
तथा बहुत से ऐसे गांव है जहाँ पर नलजल योजना का पैसा निकाल कर भ्रष्टाचार की भेंट मे चढ़ चुका है तो कहीं अधिकारियों की मनमानी के कारण ग्रामीणों तक नल जल योजना का लाभ नही मिल पा रहा है। इसमें अधिकारियों की मिलीभगत है जो की कमीशन के लालच मे बहुत सी पंचायतों का कार्य रोके हुए हैं !
इस स्थिति मे ग्रामीण जनो ने शिकायत की है की यदि उच्च अधिकारियों द्वारा इसकी जाँच करवाएं अन्यथा आने वाले समय मे पानी की समस्या को लेकर आम जनता द्वारा अनशन,धरना प्रदर्शन और उग्र आंदोलन भी किए जा सकते हैं।

