खान आशु
भोपाल। चंदे का धंधा हमेशा लोगों के लिए कमाई का जरिया रहा है। तीज, त्योहारों और विभिन्न अवसरों पर लोग इसका फायदा उठाते रहे हैं। इंतहा तब हो गई, जब एक रजिस्टर्ड सामाजिक संस्था (NGO) ने आलमी तबलीगी इज्तिमा को के नाम पर ही चंदा उगाई की अपील कर डाली। जबकि करीब 77 बरस पुराने इस आयोजन का सूत्र कभी भी किसी तरह के चंदा उगाई का नहीं रहा है। “अल्लाह की राह में, अपने कदमों से, अपने खर्च पर” की धारणा के साथ यह आयोजन होता रहा है। सही समय पर इज्तिमा प्रबंधन के एक्शन लेने का असर यह हुआ कि एनजीओ ने अपनी अपील वापस ले ली और दानदाताओं से माफी मांग ली है।

पहले हुआ यह…
सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अशरफ हुसैन नामक एक व्यक्ति ने एक पोस्ट शेयर की। उन्होंने फेथ एंड केयर वेल्फेयर फाउंडेशन के नाम से एक अपील आगे बढ़ाई थी। इसमें कहा गया था कि आलमी तबलीगी इज्तिमा में आने वाले लाखों लोगों के लिए मुफ्त खाने और पानी की बॉटल का इंतजाम संस्था द्वारा किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने चार दिन के इज्तिमा आयोजन में होने वाले खर्च के लिए लोगों से दान करने की अपील भी की।
इज्तिमा प्रबंधन ने लिया संज्ञान
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस चंदा उगाई के मैसेज को इज्तिमा कमेटी ने तत्काल संज्ञान लिया। कमेटी के मीडिया को ऑर्डिनेटर डॉ उमर हफीज ने एक वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि इज्तिमा आयोजन के दौरान आने वाले जमातियों को मुफ्त में खाना या कोई और वस्तु देने का कभी कोई प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यहां आने वाला हर व्यक्ति अपने खर्च पर ही सफर करते हैं। डॉ उमर हफीज ने यह भी कहा कि इज्तिमा प्रबंधन की तरफ से किसी व्यक्ति या संस्था को इस तरह की गतिविधि की कोई आ अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने इस मामले में पुलिस कंप्लेन करने की बात भी कही।

और हट गए पीछे कदम
डॉ उमर ने सोशल मीडिया पर वायरल अशरफ की पोस्ट पर कमेंट करते हुए इस पोस्ट को तत्काल डीलिट करने अथवा इसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की बात कही। जिस पर अशरफ ने इस मामले से खुद को अलग बताते हुए मामला फेथ एंड केयर वेल्फेयर फाउंडेशन का बताया। कुछ देर बाद उन्होंने सोशल मीडिया से अपनी पोस्ट हटा भी ली। डॉ उमर हफीज ने बताया कि बाद में चर्चा के बाद NGO ने भी अपनी पोस्ट हटाते हुए अपने दानदाताओं से माफी मांग ली है।

यह होता है इज्तिमा में
देश दुनिया से आने वाले लाखों जमातियों के ठहरने के इंतजाम इज्तिमगाह पर किए जाते हैं। यहां खानपान के लिए कई जोन लगाए जाते हैं। जिनमें रियायती दरों पर वेज और नॉनवेज खाना उपलब्ध होता। चाय, नाश्ते और पीने के पानी को बॉटल भी यहां कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन फ्री भोजन वितरण का यहां कभी कोई इंतजाम नहीं किया जा जाता है।
आयोजन : 29 नवंबर से
कितने दिन : 4 दिन
दुआ ए खास : 2 दिसंबर को
कितने लोग : 10 लाख से अधिक लोगों के आने की संभावना
इज्तिमागाह पर : खानपान के कई जोन, विभिन्न समाजों द्वारा संचालित, नो लॉस नो प्रॉफिट के आधार पर बिक्री
