जीतेन्द्र सेन
बैरसिया। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा पहली से आठवी वीं तक नवीनीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है.जिसमें विभिन्न नियम शर्तों के साथ जांच प्रक्रिया को विभिन्न चरणों में रख कर पारदर्शी कर दिया है.
वही निजी स्कूल शिक्षण संस्थानों द्वारा नवीनीकरण के नए नियमों को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की जा रही है. जिसमे भवन किराया नामा रजिस्टर्ड करवाने का आदेश प्रमुख समस्या बताई जा रही है. नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्कूलों की बात की जाए तो कई स्कूल ऐसे हैं जिनके पास कई सालों से खेल के मैदान व अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं नही है. न.ही शासन के नियमों का फॉलो हो रहा हैं कागजों मे खेल मैदान है.लेकिन जमीनी स्तर पर खेल मैदान है ही नहीं, ऐसे में खेल से वंचित रखकर बच्चो का मानसिक विकास अवरुद्ध किया जा रहा है. इसके लिए कही न कही स्कूल प्रबंधन तथा मॉनिटरिंग करने बाला अमला जिम्मेदार है।
भौतिक सत्यापन और जियो टेकिंग से हो सकती है ऐसे स्कूलों की अब फजीहत.
मान्यता नवीनीकरण में भौतिक सत्यापन एव जियो टेकिंग की व्यवस्था अनिवार्य कर दी है जिससे मान्यता की पारदर्शिता बनी रहे. मान्यता आवेदन के पश्चात शिक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम आवेदन में बताएं गए खेल मैदान पुस्तकें शिक्षक, पानी,शौचालय भवन आदि की जांच करेगी. इसके वाद जानकारी अपडेट होने पर जनशिक्षकों द्वारा मोके पर पहुच पुनः जियो टेकिंग कर भवन, खेल मैदान, ओर सामाग्री के फोटो अपलोड किए जाएंगे. ऐसे मान्यता मापदंड पूरे न करने वाले स्कूलों की मान्यता निरस्त होने की आसंका है.
सुरक्षा निधि के नुकसान की संभावनाएं
निजी स्कूलों को कक्षा 1 से 8 वीं तक मान्यता नवीनीकरण के लिए सुरक्षा निधि, रजिस्टर्ड किराया नामा, एफडी के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा. ऐसे में जियो टेकिंग एव भौतिक सत्यापन के दौरान जांच में मान्यता निरस्त होती है तो उक्त कार्य में किये खर्च वहन का नुकसान स्कूल प्रबंधन का होगा। मान्यता नवीनीकरण के लिए आवेदन करना है. आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी थी. एवं अतिरिक्त शुल्क के साथ 7 फरवरी तक आवेदन किए जा सकेंगे. जो विद्यालय इस सत्र के लिए आवेदन नहीं करेंगे या मापदंडो को पूरा नहीं करेंगे उनकी मान्यता निरस्त हो सकती है।