भोपाल। रूह की गिजा इत्र को माना जाता है। इबादत से लेकर पूजा तक और खुशनुमा माहौल से लेकर खूबसूरती में इजाफे के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा। राजधानी भोपाल में इत्र का बड़ा कारोबार मौजूद है। इसमें एक बड़ी जिम्मेदारी इत्र फ़रोश हाजी मोहम्मद युनुस अहमद ने भी बखूबी निभाई है। वर्ष 1935 से लगातार खुशबू की खिदमत दे रहे हाजी साहब की चौथी पीढ़ी ने भी अब इसी कारोबार में अपना कदम रखा है। रविवार को अल युनुस अत्तार और परफ्यूम की शुरुआत हुई, जिसमें शहर के खुशबू पसंद लोगों ने पहुंचकर मुबारकबाद दीं।
इत्र कारोबार की भोपाल यात्रा को भोपाल में पोषित करने वाला बड़ा शहर कन्नौज माना जाता है। उत्तर प्रदेश के इसी शहर से हाजी इनायत उल्लाह खान ने भोपाल आमद दी। शहर के पुराने इलाके जुमेराती से उन्होंने इत्र और खुशबु वाले तेल का कारोबार शुरू किया। सिलसिला आगे बढ़ा तो हाजी इनायत के सबसे छोटे बेटे अल्हाज मोहम्मद युनुस ने अपनी खुशबुभरी शुरुआत इब्राहिमपुरा में की। वीनस परफ्यूम्स नामक दुकान का इतिहास इतना ही पुराना कहा जा सकता है, जितना पुराना यह बाजार है। बरसों पुरानी यह छोटी सी दुकान अब अपने पुराने वजूद की बरकरारी के साथ एक बड़े शोरूम का रूप ले चुकी है। हाजी मोहम्मद युनुस के छोटे बेटे हाजी रफीक अहमद इस कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं।

सिलसिला इन्होंने भी बढ़ाया
हाजी मोहम्मद युनुस के बड़े बेटे मोहम्मद अहमद ने अपने पिता की विरासत को सहेजते हुए खुशबू कारोबार को जिंदा रखा। उनका कारोबारी सफर इब्राहिमपुरा से शुरू होकर नवबहार सब्जी मंडी होता हुआ लक्ष्मी टॉकीज तक पहुंचा। तीन दशक से ज्यादा समय से अब वे इसी पेशे को खुद में समाए हुए हैं। उनका साथ देने के लिए उनका छोटा बेटा नौमान अहमद भी उनके साथ कदमताल कर रहा है।
अब चौथी पीढ़ी के खुशबू भरे कदम
हाजी इनायत उल्लाह खान की चौथी पीढ़ी के दो बेटों अमीन शेख और जुनेद अहमद ने एक नए संस्थान का आगाज रविवार को किया है। हाजी मोहम्मद युनुस के दो बेटों इकबाल अहमद और इनायत अहमद से आगे बढ़ी नस्ल के दोनों बेटों ने इब्राहिमपुरा क्षेत्र के जहांगीरिया स्कूल के सामने अल युनुस अत्तार और परफ्यूम नामक दुकान की शुरुआत की है।
यह भी रहे कारोबार के साथी
हाजी मोहम्मद युनुस के पोते फैजान अहमद और अमान अहमद भी इत्र कारोबार से जुड़े रहे हैं। हाजी इनायत उल्लाह खान के फैलाए हुए खुशबू वृक्ष से हाजी मोहम्मद युनुस ने दुनिया से विदा ले ली है। लेकिन उनके परिवार से मोहम्मद अहमद (लक्ष्मी टॉकीज से) रफीक अहमद (इब्राहिमपुरा से) फैजान अहमद (इब्राहिमपुरा से) और अमीन शेख और जुनेद अहमद ( नए संस्थान जहांगीरिया स्कूल के सामने से) खुशबू कारोबार की विरासत को सहेजे हुए हैं।
राजधानी में इत्र शौकीनों की बड़ी तादाद
राजधानी भोपाल में इत्र शौकीनों और कद्रदानों की बड़ी तादाद है। यही वजह है कि पुराने शहर के बाजारों से लेकर न्यू मार्केट के पाश बाजार तक इत्र और परफ्यूम की बड़ी दुकानें मौजूद हैं। इब्राहिमपुरा बाजार में एक गली खास तो इत्र दुकानों से ही लबरेज हो गई है। इसके अलावा जहांगीराबाद, इतवारा, बुधवारा, जुमेराती, काजी कैंप, लक्ष्मी टॉकीज जैसे अधिकांश इलाकों में इत्र दुकानें फैली हुई हैं। जहां हर दिन बड़ा खुशबू कारोबार हो रहा है।